चांदारुण के श्याम बाबा का इतिहास

आज से लगभग 200 वर्ष पूर्व जब जांगिड़ परिवार के सदस्य रावलियावास से चांदारूण की ओर चल रहे थे तभी एक सदस्य के शरीर में कंपन सी महसूस हुई फिर कुछ देर बाद चांदारूण गांव से 1 किलोमीटर दूर श्याम बाबा के दर्शन हुए,
यह बात पूरे परिवार में फैल गई इसलिए परिवार के सदस्यों ने चांदरूण के खेजड़ी वृक्ष के नीचे एक पत्थर रखकर उसे मूर्ति के रूप में स्थापित कर दिया।

और उसकी पूजा अर्चना की , लेकिन उस समय लोगों के दिलों में भक्ति की ऐसी भावना नहीं थी।

प्रथम मूर्ति स्थापना

चांदारूण के राठौड़ परिवार के महावीर सिंह ने 2019 में श्री श्याम बाबा की मूर्ति स्थापित की | उसके बाद कोरोना का समय आ गया और सभी मंदिर बंद हो गए | सभी दर्शनार्थी खाटू श्याम बाबा मंदिर में दर्शन करने जाते थे लेकिन कोरोना के कारण खाटू श्याम बाबा मंदिर बंद कर दिया गया।

और लोगों की आस्था चांदारूण श्याम बाबा मंदिर से जुड़ गई और लोग बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आने लगे। और धीरे-धीरे यह खबर आस-पास के गांवों में फैलने लगी और आस-पास के इलाकों से भी लोग दर्शन के लिए मंदिर में आने लगे।

 
 

चांदारुण के श्री श्याम मन्दिर के मैदान में पहली बार विशाल मेला महोत्सव कार्यक्रम 14 मार्च 2022 को सुबह से शुरू किया | इस दौरान 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं डेगाना से चांदारुण के श्री श्याम बाबे के दर्शन के लिए निशान पैदल यात्रा निकाली |

श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया

चांदारूण के श्री श्याम परिवार संघ के अध्यक्ष भामाशाह द्वारका प्रसाद हेड़ा के मार्गदर्शन में डेगाना शहर के लोगों ने पहली बार विशाल यात्रा शुरू की| इस पैदल यात्रा में डेगाना और आसपास के गांव के लोगों ने पर चढ़कर भाग लिया| यह देखते हुए लोगों की आस्था मंदिर से जुड़ गई और अब लोग दूर-दूर से श्याम बाबा के दर्शन के लिए चांदारूण गांव आते हैं।

खाटू के श्याम बाबा की तरह ही अब चांदारूण के श्याम बाबा के दर्शन के लिए लोग आतुर रहते हैं | और देखते ही देखते चांदारूण गांव आस्था का केंद्र बन गया 

जिस गांव को लोग जानते तक नहीं थे आज श्याम बाबा मंदिर के कारण यह छोटा सा गांव आज राजस्थान में प्रसिद्ध हो गया और भक्ति भावना का केंद्र बन गया

मंदिर में विश्रामालय का निर्माण

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए एक विशाल विश्राम कक्ष का निर्माण कराया गया । विश्राम कक्ष में खाने-पीने जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं  मंदिर के आसपास का वातावरण बहुत ही शुद्ध और निर्मल है

चांदारुण के श्री श्याम मन्दिर में विश्रामालय निर्माण ओर श्याम समिति में जमीन खरीद के लिए भामाशाह मोहनलाल मानधना के परिवार ने 11 लाख रुपये, बाबुलाल मानधना व दामोदर मानधना के 9 लाख रुपये,राजू राम मूंधड़ा रानीगांव ने 5 लाख,आशा राम,अमित कुमार कंसवा ईडवा ने 5 लाख,मानधना परिवार नागपुर ने 3 लाख,गिरिराज,प्रफुल्ल,रवि जोशी ने 3 लाख,कैलाश खंडेलवाल ने 3 लाख,गौतम,रमेश,सुरेश कोठारी ने 3 लाख,बिरदीचंद ,डॉ.संजय केडिया ने 3 लाख,ओमप्रकाश, गोपाल,चंद्रप्रकाश सारडा ने 3 लाख,बाल किशन,ओमप्रकाश जाजू ने 3 लाख,मनोज कुमार,केशव जाजू ने 3 लाख सहित अन्य भामाशाहो के सहयोग से श्री श्याम मन्दिर में कार्य करवाया |

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